बुधवार, दिसंबर 24, 2014

गजोधर की होशियारी :-)

एक रात को पुलिस वालों ने शराब पी कर गाडी चलाने वालों को पकड़ने के लिए 
 एक बार के बाहर अपनी गाडी खड़ी कर ली। 
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थोड़ी देर बाद जब बार बंद होने वाला था तो गजोधर बार से बाहर निकला और लड़खड़ाता हुआ अपनी गाडी की तरफ बढ़ने लगा। चलते-चलते गजोधर एक दम से गिर गया। फिर उठा और थोड़ा संभला और आगे बढ़ा। 
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उसके बाद गजोधर ने अपनी जेब में से चाबी निकाली ... 3-4 गाड़ियों को चाभी लगाने के बाद उसे अपनी गाडी मिल गयी। गजोधर गाडी में बैठा और बड़ी मुश्किल से गाडी स्टार्ट की और चल पड़ा। 
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जैसे ही गजोधर चला, पुलिस वालों ने उसके पीछे अपनी गाडी लगा ली और उसे रोक लिया। 
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पुलिस वाले ने गजोधर को Breath Analyzer टैस्ट के लिए बाहर निकलने के लिए कहा। गजोधर झट से बाहर निकला। पुलिस वाले ने उसका टैस्ट किया लेकिन टैस्ट में शराब की मात्रा आई ही नहीं। पुलिस वाले हैरान हो गए और पूछा कि इसका क्या राज़ है ? 
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गजोधर ने पुलिस को बताया कि उसने तो शराब पी ही नहीं है। 
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पुलिस वाले : "फिर तुम ऐसे क्यों नाटक कर रहे थे?" 
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गजोधर : "ताकि आप मेरे पीछे आ सको और पीछे से बार में बैठे सारे शराबी आसानी से निकल सकें।" 

:-)  :-)  :-)
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The End
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गजोधर की अंग्रेजी स्पेलिंग प्राब्लम

गजोधर :- (फोन पर) ... जल्दी से यहाँ एक एम्बुलेंस भेज दीजिये, 
 मेरे दोस्त को एक गाडी ने टक्कर मार दी है। उसके नाक से खून बह रहा है। 
शायद उसकी टांग भी टूट गयी है। 
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ऑपरेटर :- आप किस जगह पर हैं कृपया वो बता दीजिये। 
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गजोधर :- Connaght Place में। 
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ऑपरेटर :- आप मुझे कृपया स्पेलिंग बता दीजिये ? 
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आगे से कोई आवाज़ नहीं आई। 
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ऑपरेटर :- सर क्या आपको मेरी आवाज़ आ रही है ? 
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दूसरी तरफ से अभी भी कोई आवाज़ नहीं आई। 
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ऑपरेटर :- सर प्लीज, जवाब दीजिये, क्या आप मुझे सुन पा रहे हैं ? 
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गजोधर :- (हाँफते हुए)... हाँ- हाँ माफ़ करना भैया ,,,,  मुझे Connaght Place की स्पेलिंग नहीं आती थी ,,, इसलिए मैं उसे घसीट कर Minto Road पर ले आया हूँ ,,, आप Minto Road की स्पेलिंग लिखो। 
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जाट और अंग्रेज वार्तालाप :-)

एक बार एक जाट प्लेन से लन्दन जा रहा था, 
बगल में एक अंग्रेज बैठा हुआ था ! 
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जाट ने अंग्रेज से पूछा - "आप क्या करते हो ?" 
अंग्रेज - "मैं एक साईंटिस्ट हूँ... और आप ?" 
जाट - "मैं इंजीनियर हूँ !" 
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अंग्रेज - "वाव~~ इंजीनियर ... क्या हम किसी टॉपिक पर बात कर सकते हैं ?" 
जाट - "बिलकुल ,, " 
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अंग्रेज - "अच्छा, तुम मुझे न्यूक्लियर पावर के बारे में कुछ बताओ" 
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जाट ये सुनकर चुप रह गया ! 
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अंग्रेज - (व्यंग से) "ओह ~~ तो तुम नहीं जानते ?" 
जाट - "जानता तो हूँ लेकिन तुम पहले मेरे एक क्वेश्चन का एन्सर दो" 
अंग्रेज - "हम्म ~~ पूछो .. " 
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जाट - "मंदिर में भी घंटा होता है और चर्च में भी घंटा होता है, तो फिर चर्च का घंटा मंदिर के घंटे से बड़ा क्यों होता है ..?" 
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अंग्रेज कुछ देर सोचता रहा फिर बोला - "मैं नहीं जानता" 
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जाट - "अबे साले .. पता तुझे घंटे का भी नहीं है और बातें न्यूक्लियर पावर की करे है ???" 
           
 :-)   :-)   :-)
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कुछ एक असमी सिक्यूरिटी गार्ड भी होते हैं :-)

घर ढूंढते ढूंढते एक नयी बनी इमारत के पास पहुंचा 
और सिक्यूरिटी गार्ड से पूछा, 
"यहाँ फ्लैट खाली है क्या रेंट के लिए?" 
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गार्ड बोला - "जी सर" 
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मैंने पूछा - "तुम दिखाओगे" 
गार्ड - "मैनेजड़ है साब" 
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मैंने नंबर माँगा और फ़ोन डायल किया, 
इस बीच मैंने गार्ड से मेनेजर का नाम पूछा ! 
गार्ड - "सड़ीप सर" 
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मैंने फ़ोन काटा और कन्फर्म किया, "संदीप?" 
गार्ड, "नहीं ,, सड़ीप सर" 
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मैं सोच में पड़ा, अजीब-अजीब से नाम रखते हैं लोग आजकल। ऐसे ही विस्मित होते हुए मैंने कॉल लगाई लेकिन लाइन व्यस्त मिली। 
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फिर ढूंढते हुए बिल्डिंग के अन्दर पहुँच गए। 
 मेनेजर साहब मिले, मैंने हाथ मिलाया और कहा, "हेल्लो" 
 मेनेजर - "हेल्लो ,,, आय ऍम शरीफ।" 
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सीख :- सारे सिक्यूरिटी गार्ड नेपाली नहीं होते कुछ एक असमी भी होते हैं।  :-)
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सीनियर सिटिजन और पुलिस इंस्पेक्टर

एक सीनियर सिटिजन अपनी नई कार 90 की स्पीड में चला रहे थे। 
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रियर व्यु मिरर में उन्होंने देखा कि पुलिस की एक गाडी उनके पीछे लगी हुई है। उन्होंने कार की स्पीड और बढ़ा दी। 110 फिर 130 और फिर 150.......... 
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अचानक उन्हें याद आया कि इन हरकतों के लिहाज से वे बहुत बूढ़े हो चुके हैं और ऐंसी हरकतें उन्हें शोभा नहीं देतीं। उन्होंने सड़क के किनारे कार रोक दी और पुलिस का इन्तजार करने लगे। 
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पुलिस की गाडी करीब आकर रुकी और उसमे से इंस्पेक्टर निकलकर बुजुर्ग महाशय के पास आया। उसने अपनी घडी में समय देखा और बुजुर्ग से बोला --
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"सर, मेरी शिफ्ट ख़त्म होने में मात्र 10 मिनिट बाकी हैं। आज शुक्रवार है और शनिवार, रविवार मेरा अवकाश है। इतनी स्पीड से कार चलाने का अगर आप मूझे कोइ ऐंसा कारण बता सके जो मैंने आज तक नहीं सुना हो तो मैं आप को छोड़ दूंगा।" 
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बुजुर्ग ने बहुत गंभीर होकर इन्स्पेक्टर की तरफ देखा और कहा---

"बहुत साल पहले मेरी बीवी एक पुलिसवाले के साथ भाग गयी थी। मैंने सोचा कि तुम उसे लौटाने आ रहे हो इसलिए..................." 
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इन्स्पेक्टर वहाँ से जाते हुए बोला---" हेव ए गुड डे, सर ... बाय।" 
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The End
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इंटेलिजेंस ब्यूरो भर्ती में महिला उम्मीदवार

इंटेलिजेंस ब्यूरो में एक उच्च पद हेतु भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी। 
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अंतिम तौर पर केवल तीन उम्मीदवार बचे थे जिनमें से किसी एक का चयन किया जाना था। इनमें दो पुरुष थे और एक महिला। फाइनल परीक्षा के रूप में कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा की जांच की जानी थी। 
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पहले आदमी को एक कमरे में ले जाकर परीक्षक ने कहा –”हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तुम हर हाल में हमारे निर्देशों का पालन करोगे चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न हो।” फिर उसने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।” 
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”मैं अपनी पत्नी को किसी भी हालत में गोली नहीं मार सकता”- आदमी ने कहा।” 
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तो फिर तुम हमारे किसी काम के नहीं हो। तुम जा सकते हो।” – परीक्षक ने कहा। 
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अब दूसरे आदमी को बुलाया गया। ” .. 
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परीक्षक ने उसके हाथ में एक बंदूक पकड़ाई और दूसरे कमरे की ओर इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारी पत्नी बैठी है। जाओ और उसे गोली मार दो।” 
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आदमी उस कमरे में गया और पांच मिनट बाद आंखों में आंसू लिये वापस आ गया - ”मैं अपनी प्यारी पत्नी को गोली नहीं मार सका। मुझे माफ कर दीजिये। मैं इस पद के योग्य नहीं हूं।” 
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अब अंतिम उम्मीदवार के रूप में केवल महिला बची थी। उन्होंने उसे भी बंदूक पकड़ाई और उसी कमरे की तरफ इशारा करते हुये कहा – ”उस कमरे में तुम्हारा पति बैठा है। जाओ और जाकर उसे गोली से उड़ा दो।” 
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महिला ने बंदूक ली और कमरे के अंदर चली गई। कमरे के अंदर घुसते ही फायरिंग की आवाजें आने लगीं । लगभग 11 राउंड फायर के बाद कमरे से चीख पुकार, उठा पटक की आवाजें आनी शुरू हो गईं। यह क्रम लगभग पन्द्रह मिनटों तक चला ,उसके बाद खामोशी छा गई। 
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लगभग पांच मिनट बाद कमरे का दरवाजा खुला और माथे से पसीना पोंछते हुये महिला बाहर आई। बोली – ”तुम लोगों ने मुझे बताया नहीं था कि बंदूक में कारतूस नकली हैं। मजबूरन मुझे उसे पीट-पीट कर मारना पड़ा..!!! 
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The End 
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मंगलवार, दिसंबर 23, 2014

इंटेलिजेंट एंसर इन इंटरव्यू

साक्षात्कार चल रहा था ! नौकरी बड़ी अच्छी और अच्छे वेतन वाली थी ! साक्षात्कार में कई युवक आये हुए थे ! सभी युवक अच्छे पढ़े लिखे एवं सुसंस्कृत थे ! चपरासी ने आकर पहले युवक को आवाज लगाई ! 
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युवक अपनी फ़ाइल ले कर चेम्बर में घुसा और बोला - 'में आई कमिंग सर ?' साक्षात्कार लेने वाले ने कहा "यस कम इन " थैंक यू कहकर युवक अंदर चला गया और सामने वाली कुर्सी पर बेठ गया ! 
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साक्षात्कार लेने वाले उसकी फ़ाइल देखीं वैरी गुड कहकर वापस दे दी ,,, और पुछा :- 
"एक बात बताइये आप कही जा रहे है आपकी कार टू सीटर है। आगे चलने पर एक बस स्टैंड पर आपने देखा कि तीन व्यक्ति बस के इंतजार में खड़े है। उन में से एक वृद्धा जो कि करीब 90 वर्ष की है तथा बीमार है अगर उसे अस्पताल नहीं पहुचाया गया तो इलाज न मिल सकने के कारण मर भी सकती है। दूसरा आपका एक बहुत ही पक्का मित्र है जिसने आपकी एक समय बहुत मदद कि थी जिसके कारण आप आज का दिन देख रहे है। तीसरा इंसान एक बहुत ही खूबसूरत युवती है जिसे आप बेहद प्रेम करते है जो आपकी ड्रीम गर्ल है अब आप उन तीनो में से किसे लिफ्ट देंगे ? आपकी कार में केवल एक ही व्यक्ति आ सकता है।"" 
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युवक ने एक पल सोचा फिर जवाब दिया" सर में अपनी ड्रीम गर्ल को लिफ्ट दूंगा " 
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साक्षात्कार लेने वाले पुछा - क्या ये ना इंसाफी नहीं है ? 
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युवक बोला नो सर वृद्धा तो आज नहीं तो कल मर जायेगी ,,दोस्त को में फिर भी मिल सकता हूँ पर अगर मेरी ड्रीम गर्ल एक बार चली गई तो फिर में उससे दुबारा कभी नहीं मिल सकूंगा ! 
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साक्षात्कार लेने वाले ने मुस्कुरा कर कहा वेरी गुड में तुम्हारी साफ साफ बात सुन कर प्रभावित हुआ अब आप जा सकते है ! थैंक यू कहकर युवक बाहर निकल गया ! 
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साक्षात्कार लेने वाले ने दूसरे प्रत्याशी को बुलाने के लिए चपरासी को कहा ! साक्षात्कार लेने वाले ने सभी प्रत्याशिओं से उपरोक्त प्रश्न को पुछा विभिन्न प्रत्याशियों ने विभिन्न उत्तर दिए ! किसी ने वृद्धा को लिफ्ट देने किसी ने दोस्त को लिफ्ट देने कि बात कही ! 
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जब एक प्रत्याशी से ये ही प्रश्न पुछा तो उसने उत्तर दिया -"सर में अपनी कार की चाबी अपने दोस्त को दूंगा और उससे कहूंगा कि वो मेरी कार में वृद्धा को लेकर उसे अस्पताल छोड़ता हुआ अपने घर चला जाये ! मैं उससे अपनी कार बाद में ले लूंगा और स्वयं अपनी ड्रीम गर्ल के साथ बस में बेठा क़र चला जाऊँगा ! 
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साक्षत्कार करने वाले ने उठ क़र उस से हाथ मिलाया और कहा यू आर सलेक्टेड ! 
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थैंक यू सर कह क़र युवक मुस्कुराता हुआ बाहर आ गया ! 
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 साक्षत्कार समाप्त हो चुका था !
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The End
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लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ा एक सच्चा प्रसंग

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श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में कुछ बताने की आवश्यकता नहीं है। मगर उनमें वो बात थी कि ज़माना आज भी उनको याद करता है - वो था उनका आदर्श, उनके मूल्य, संस्कार के प्रति उनका समर्पित जीवन। ===================================================================

अनिल शास्त्री ,दिल्ली के किसी कालेज में admission के लिए फ़ार्म भर रहे थे। उस समय उनके पिता श्री प्रधानमंत्री बन चुके थे। मगर अनिल जी ने एक सामान्य विद्यार्थी की हैसियत से लाईन में खड़े हो कर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होने अपना नाम और पहचान छुपाने की गरज से और उन्हें पिता की हैसियत का कोई अनावश्यक [undue] लाभ न मिले बल्कि ’प्रतिभा ’के बल पर admission मिले इस लिये नाम के पीछे ’शास्त्री’ नहीं लिखा। 
 --- 
पिता के occupation वाले column में Government servant लिखा था जब उनका नम्बर आया और वह counter पर पहुंचे तो फ़ार्म check कर रहे व्यक्ति [शायद कोई robert साहब थे] ने फ़ार्म देखा, पता देखा 10-जनपथ न्यू दिल्ली तो चौंक गया ! सोचा, यह तो ’प्रधान मंत्री’ निवास का पता है .. तो फिर इस लड़के के पिता वहाँ क्या काम करते है - PA है कि PS है कि security officer है कि peon है कि कौन सा Govt servant है। Robert महोदय दुविधा में पड़ गये और पुचकारते हुए पूछा -’बेटा, papa वहां क्या करते हैं- कौन सा Govt servant है? 
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अनिल जी से यह बात अब छुपाये न छुपे और बड़े ही संकोचवश धीरे से बोले- पापा भारत के प्रधानमंत्री हैं 
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इतना सुनते ही राबर्ट महोदय एकायक खड़े हो गये ..आनन फ़ानन में फ़ार्म लिया कार्रवाई पूरी की ,फिए अनिल को लेकर principal साहब के कमरे में ले गया और बड़े ही सीना तान कर और जैसे कि कोई तोप चीज़ हाथ में लग गई, कहा- "सर, देखिए, हमारे कालेज में कौन आया है, सर प्रधानमंत्री का बेटा ..अपने प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का..." अनिल जी झेंप गये .. यह था उनका संस्कार ... 
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ख़ैर.. 
घर लौटने पर अनिल जी ने यह बात अपने पिता जी को बताया तब श्री लाल बहादुर जी ने बस दो बात कही - "पहली बात तो ठीक है कि पूछने पर तुमने अपने पिता का नाम बताया ,,, दूसरी बात ग़लत है कि राबर्ट तुम्हारा परिचय कराने प्रिन्सिपल के कमरे में ले गए। वह क्या और बच्चों को भी प्रिन्सिपल से परिचय कराने ले गए थे। नहीं तो यह बात ग़लत है" 
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यह था एक पिता का पुत्र को दिया हुआ संस्कार .. मूल्यों के प्रति समर्पण और आज??? 
आज तो सरपंच का लड़्का भी अपने को प्रधानमंत्री से बड़ा समझता है
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The End 
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शुक्रवार, अक्टूबर 10, 2014

मंत्री जी का साला

पूलिस विभाग मे भर्ती की प्रक्रिया चल रही थी,
भर्ती प्रक्रिया मे मंत्री जी का साला भी भाग ले रहा था,
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स्वभाविक था कि
सब अपनी ओर से जो चापलूसी कर सकते थे, करने का प्रयास कर रहे थे
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500 मीटर की रेस पूरी हुईं,
मंत्री जी के साले साहब ने 4 मिनट 30 सेकेण्ड मे रेस पूरी की !
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उपनिरीक्षक ने लिस्ट बनाते समय 4 मिनट कर दिया
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लिस्ट जब आफिस पहुँची, तो अधिकारी ने सोचा 4 मिनट मे रेस पूरी की है,
उसने उसे 3 मिनट 30 सेकेण्ड कर दिया !
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इसी प्रकार लिस्ट डी.एस.पी , एस.पी और डी.आई.जी से होती हुई
आई.जी के पास पहुँची तब समय 1 मिनट 35 सेकेण्ड तक हो गया था
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आई जी ने जैसे ही लिस्ट को देखा चौक पड़े ....
उन्होंने अपने पी ए से पूछा -
"ये कौन है जिसने 1 मिनट 35 सेकेण्ड मे रेस पूरी की ?"
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पी ए ने बताया - "सर मंत्री जी का साला है"
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आई.जी बोले :-
"अबे भूतनी के वो सब तो ठीक है,
लेकिन विश्व रिकार्ड का तो ध्यान रखते"

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 The End
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रविवार, सितंबर 14, 2014

जन धन योजना वाया भेजा फ्राई

ग्राहक - जन धन योजना में खाता खुलवाना है ।
बैंकर - खुलवा लीजिये ।
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ग्राहक - क्या जीरो बैलेंस में खाता खुल रहा है ?
बैंकर - (मन ही मन में - साले पता नहीं है क्या तुझे) हाँ जी फ्री में खुलवाओ ।
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ग्राहक - इसमें सरकार कितना पैसा डालेगी ?
बैंकर - जी अभी तो कुछ पता नहीं ।
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ग्राहक - तो मैं ये खाता क्यूँ खुलवाऊं ?
बैंकर - जी मत खुलवाइये ।
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ग्राहक - फिर भी सरकार कुछ तो देगी ।
बैंकर - आपको फ्री में ATM मिल जाएगा ।
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ग्राहक - जब उसमे पैसे ही नहीं होंगे मैं ATM का क्या करूँगा ।
बैंकर - पैसा डलवाओ भईया ! तुम्हारा खाता है ।
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ग्राहक - मेरे पास पैसे होते तो मैं पहले ही खाता नहीं खुलवा लेता । 
तुम खाता खोल रहे हो तो तुम डालो न पैसे ।
बैंकर - अरे भाई सरकार खुलवा रही है
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ग्राहक - तो क्या ये सरकारी बैंक नहीं है ?
बैंकर - अरे भाई सरकार तुम्हारा इंश्योरेंस फ्री में कर रही है पूरे 1 लाख रूपए का ।
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ग्राहक - खुश होते हुए , अच्छा तो ये 1 लाख मुझे कब मिलेंगे ?
बैंकर - (गुस्से में) , जब आप मर जाओगे तब आपकी बीवी को मिलेंगे ।
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ग्राहक - चौंक कर , तो तुम लोग मुझे मारना चाहते हो और मेरी बीवी से तुम्हारा क्या मतलब है ?
बैंकर - अरे भईया, ये हम नहीं सरकार चाहती है कि...........
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ग्राहक - (बीच में बात काटते हुए) .. तुम्हारा मतलब सरकार मुझे मारना चाहती है ?
बैंकर - अरे यार मुझे नहीं पता ! तुम्हे खाता खुलवाना है क्या ?
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ग्राहक - नहीं पता का क्या मतलब । मुझे पूरी बात बताओ ।
बैंकर - अरे अभी तो मुझे भी पूरी बात का नहीं पता .......
मोदी ने कहा है खाता खोलने को तो हम खोल रहे हैं ।
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ग्राहक - अरे जब पता ही नहीं तो यहाँ क्यूँ बैठे हो ?
(जन धन का पोस्टर दिखाते हुए ) अच्छा ये 5000 का ओवर ड्राफ्ट क्या है ?
बैंकर - मतलब तुम अपने खाते से 5000 निकाल सकते हो ।
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ग्राहक - (बीच में बात काटते हुए}, ये हुई ना बात । 
यह लो आधार कार्ड, 2 फोटो और निकालो 5000 रुपये ।
बैंकर - अरे भई , ये पैसे 6 महीने बाद मिलेंगे ।
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ग्राहक - तो क्या 6 महीने तक तुम मेरे पैसों को अपने काम में इस्तेमाल करोगे ?
बैंकर - भईया ये रूपए ही 6 महीने बाद आयेंगे ।
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ग्राहक - झूठ मत बोलो.......पहले बोले कुछ नहीं मिलेगा ....फिर कहा ATM मिलेगा ....फिर बोले इंश्योरेंस मिलेगा .....फिर बोलते हो 5000 रुपया मिलेगा ....फिर कहते हो कि नहीं मिलेगा .....तुम्हे कुछ पता भी है या नहीं ?
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बैंकर बेचारा - अय्यो अम्मा, कानून की कसम, भारत माता की कसम..सच कहता हूँ मोदी जी ने अभी कुछ नहीं बताया .....तुम चले जाओ । खुदा की कसम , तुम जाओ । मेरी सैलरी इतनी नहीं है कि मैं एक साथ "ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक" का इलाज करवा सकूँ ।

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The End
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रविवार, अगस्त 24, 2014

बिल्ली के गले में घटी ...

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी चूहों का चिंतन शिविर चल रहा था ! चर्चा भी वही ,,,,घोषणाएं भी वही,,,समस्याएं भी वही ... कहीं कुछ भी नया नहीं !
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अचानक ही एक सुशिक्षित युवा चूहा खड़ा हुआ और बोला -
'सभापति महोदय मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ'
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सभापति ने माईक संभाला और गला खखारकर बोले - 'हाँ कहो'
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युवा चूहा बोला :- बिल्ली के गले में घंटी बाँधने का विचार हमारे दादा-परदादा के समय व्यक्त किया गया था ... मैं जानना चाहता हूँ कि उस सम्बन्ध में क्या प्रगति हुयी ?
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उत्साहित युवा चूहे की बात सुनकर सभा में उपस्थित सभी गणमान्य चूहे हंसने लगे ! एक बुजुर्ग चूहा खड़ा हुआ :- हमें बिल्ली से खतरा हमेशा बना रहेगा ,,, इस बारे में सभी पुराने उपाय सोचे जा चुके हैं ...पुरानी से पुरानी किताबों का अध्ययन कर लिया गया है ... इस बारे में चर्चा करके शिविर का कीमती समय नष्ट करने से कोई फायदा नहीं है
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युवा चूहे ने एक बार पुनः अपनी बात रखी :- सभापति महोदय मुझे एक कोशिश की अनुमति प्रदान करें !
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शिविर में उपस्थित सभी चूहों के चेहरों पर तंज उभर आया ! सभापति ने चर्चा को विराम देने के उद्देश्य से कहा :- ठीक है ... ठीक है .. आप करें कोशिश !
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चिंतन शिविर के अगले दिन युवा चूहा उत्साहित मुद्रा में बोला :- सभापति महोदय मैंने महल की सबसे खतरनाक बिल्ली के गले में घंटी बाँध दी है !
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सभापति महोदय और समस्त उपस्थित चूहों को यकीन नहीं हुआ ... दो-तीन चूहों को तत्काल जांच के लिए भेजा गया !
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थोड़ी देर बात ही जांच करने गए चूहे वापस आये और हर्षमिश्रित आवाज़ में बोले - हाँ महोदय ...बात सही है .. बिल्ली के घंटे में घंटी बंधी हुयी है ,,,बिल्ली जैसे ही चलती है घंटी की आवाज आने लगती है !
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सभापति महोदय ने युवा चूहे से जिज्ञाषा प्रकट की :- सभी लोग इस बात को जानना चाहते हैं कि तुमने ये काम किया कैसे ?
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युवा चूहा खड़ा हुआ और बोला :- दरअसल आप लोग हर समस्या का समाधान पुराने तरीकों से खोजते रहे हैं ... हमारे दादा-परदादा ने क्या किया ....हमारी पुरानी किताबों में क्या लिखा है .. बस उसी का अध्ययन करते रहे .. हम क्यों नहीं नयी तरह से सोचते ... क्यों नहीं समाधान के लिए नए प्रयास करते ?
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सभापति महोदय उबासी लेते हुए बोले :- भाषण की जरुरत नहीं ...सिर्फ ये बताओ कि घंटी बाँधी कैसे ?
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युवा चूहा बोला :- मैंने गंभीरता से सोचा तो एक आसान तरीका सूझा ... मैं केमिस्ट के यहाँ से 3-4 नींद की दवा ले आया ... उस नींद की दवा को दूध में मिला दिया और एक कटोरी में दूध रखकर बिल्ली के घर के पास रख दिया ..... कुछ समय बाद बिल्ली वहां आई, उसने दूध पिया ... मैं छुपकर इन्तजार करता रहा ... जैसे ही बिल्ली गहरी नींद में हुयी .. बस मैंने जाकर अच्छी तरह से बिल्ली के गले में घंटी बाँध दी !!
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सभापति महोदय बोले :- हमारे पूर्वज वाकई बहुत महान थे .. उनका ही उपाय काम आया !
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The End
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