गुरुवार, जून 16, 2016

"रामायण" : एक काल्पनिक कथा


"रामायण" एक काल्पनिक कथा है जो कि वास्तविक स्थानों श्रीलंका, अयोध्या, पर आधारित है, जैसे अरब मे विख्यात 'अलिफ़ लैला', 'हातिम ताई' नामक कथायें काल्पनिक हैं, परंतु उसमे दर्शाये गये स्थान 'आबे फारस जबले मक्नातीस', 'दरिया-ए-नील तूर सीना' नामक स्थान वास्तविक हैं।
नासा--पुरातत्व विभाग द्वारा कई वर्षो के संयुक्त शोध के बाद 2007 मे ये सिद्ध हुआ कि रामसेतू लगभग 18 लाख वर्ष पूर्व अस्तित्व मे आया, जो समुद्र तल तक गड़ा हुआ है। जबकि मानव जाति को जन्मे हुए अभी एक लाख वर्ष भी नही हुए। करोड़ो वर्षो पूर्व के डायनासौर के अवशेष भी मिल गये मगर वानर सेना का कोई अता-पता नही चला। 
इस प्रकार का सेतू जापान-कोरिया के बीच मे भी है, और यदि आप विश्व का नक्शा देखें तो उसमे 'नार्थ अमेरिका-साउथ अमेरिका' को जोड़ता हुआ भी एक सेतू है। ठीक वैसे ही आप नक्शे मे 'इंडिया-श्रीलंका' के बीच भी देख सकते हैं। नासा के रिसर्च अनुसार रामसेतु जब 17.5 लाख वर्ष पुराना है, तो इसे राम निर्मित कैसे कहा जा सकता है ? 
जबकि मानव ने खेती करना, कपडे पहनना 8000 हजार वर्ष ईसा पूर्व सीखा है। मानव ने लोहा की खोज 1500 ईसा पूर्व की है, मानव ने लिखना 1300 ईसा पूर्व सीखा है, फिर "राम" नाम लिखकर दुनिया के पहले पशु सीविल इंजीनियर भालू नल-नील ने इसे कैसे बना डाला ? 
मान्यता के अनुसार महाभारत नामक काल्पनिक युद्ध आज से लगभग 6000 वर्ष पूर्व हुआ जबकि श्री वेदव्यास जी ने महाभारत गीता आज से 2300 वर्ष पूर्व लिखा। क्या घटना के 3700 वर्ष पश्चात उसका वर्णन स्वीकार्य है ?? 
यदि उस युग मे कोई 'शक्तिमान', 'स्पाइडरमैन', 'सुपरमैन' भी लिख देता तो आज वो धार्मिक सत्य कथा मानी जाती और उनके जन्म स्थान पर मंदिर बनाने का अहवान होता और राजनीति होती। 
जब इन रहस्यों से पर्दा उठने लगा है तबसे हमारे देश के कुछ नेता अनाप-शनाप बक रहे हैं, कोई कह रहा है कि हमारे देश मे प्राचीन काल मे ही गणेश की गर्दन काट कर उसमे हाथी का सिर प्रत्यरोपित करके 'कृत्रिम सर्जरी' को अंजाम दिया। कोई फर्जी फ़ोटो वीडियो मे खोखले पत्थर नुमा आकार को "राम" लिख कर बाल्टी मे तैरा कर अफ़वाह फैला रहा है कि रामसेतू का पत्थर तैरता है, मगर जब कुछ शातिर लोगों ने स्वयं जा कर देखा तो ऐसा कुछ था ही नही। 
तो कोई कह रहा है के भारत मे देवी देवता लोगो ने प्राचीन युग मे ही एटम बम विकसित कर लिया था. . . तो कोई कह रहा है कि हमारे देश मे प्राचीन काल मे ही हवाई जहाज़, मिसा़ईल राकेट, विकसित कर लिये थे . . .क्योंकि ये राजनीतिज्ञ जानते हैं कि यदि इस काल्पनिक कथाओं की पोल खुल गई तो जनता को मूर्ख बनाना बंद हो जायेगा और इनका धंधा-कुर्सी-राजनीति सब बंद। 
इन लिंक्स पर क्लिक करें और नासा की आफिसियल रिपोर्ट पढे :- 
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कृपया काल्पनिक पात्रों और कथाओ के नाम पर इस वास्तविक देश को टूटने से बचायें। जब भी दंगे होते हैं ग़रीब बेकसूर मारे जाते हैं, उन्हीं के घर जलते हैं, राजनेताओं के नहीं।  


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