
यह कितने शर्म की बात है भारत में टी वी के चैनल्स पर जिन फूहड़ और ऊलजलूल चीजों को समाचार के नाम पर परोसा जा रहा है उनका विरोध उतना नही हो रहा है जितना होना चाहिए. जब हम दूसरे देशों के चैनल्स को देखते है तो पता चलता है कि टी वी पत्रकारिता किस चिडिया का नाम है. देश या विदेश में कितनी बड़ी घटना हो जाए मगर हमारे चैनल को तो नागिन की कहानी / भुतहा हवेली का सच / मोहल्ले के प्रेम प्रसंगों से घटित अपराधों / फ़िल्म जगत की प्रेम कहानियों / बाबाओं के चमत्कारों / रत्न, ताबीज़ बेचने / भविष्य बताने वाले जोकर नुमा ज्योतिषों जैसे कार्यकर्मों से ही फुर्सत नही है
ये सोचने कि बात है कि क्या आज मीडिया का काम वैज्ञानिक चेतना और शिक्षा के प्रचार -प्रसार की जगह केवल भय और अंधविश्वास का बढ़ावा देना हो गया है। पत्रकारिता व्यापार नहीं मिशन है यह बात जानने और समझने वाले हम आप जलालत महसूस कर सकते हैं और कर रहे हैं लेकिन अफ़सोस.......... क्या उन पर फर्क पड़ेगा ? शायद कभी नही दोस्तों आज जल्दी में हूँ .... आज बस इतना ही .... आगे इस पर चर्चा होगी





















5 प्रतिक्रियाएं:
bhaiya ab hum inhe news channel nahi kahte hain.... ye sab hain manoranjan channel...... jahan madaari log apna apna tamaasha dikhaaya karte hain.
- Raj Mohan Rastogi
सही बात है आपकी ! दिन प्रतिदिन मीडिया का स्तर गिरता ही जा रहा है ! इनका काम सनसनी फैलाना मात्र रह गया है !
can you email me: mcbratz-girl@hotmail.co.uk, i have some question wanna ask you.thanks
Although there are differences in content, but I still want you to establish Links, I do not
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तो तुम यहाँ हो? बिलकुल सही कहा है। वैसे तुम हमेशा सही बात ही करते हो ये जानती हूँ। आज इधर उधर घूमते हुये यहाँ पहुँची तो तुम्हे पाया। बहुत अच्छा लगा। शुभकामनायें।
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